परेशान बहुत हूँ ..............


हा खुद से भागना चाहता हूँ
बहुत दूर कही छिप जाना चाहता  हूँ
हा डरता हूँ खुद से लड़ता हूँ खुद से
खुद के सपनो से खुद की बातो से
अपनों और  अपनेपन के अहसास से 
कही दूर बहुत  दूर खो जाना चाहता हूँ
अपना साया भी  डराता  है अब मुझेको  
अब सारे जहां का साथ भी कचोटता
है मुझको ,खुद से ही अब भागता हूँ
अब इसी तरह हालत हो गये है मेरे
अपने हालत का पता नहीं है मुझको
मैंने लोगो से सुना है  की
मैं आजकल परेशान बहुत   हूँ.......                     

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